Mrs  Krishna sainanee and Director Bharat Shripat sunanda’s eye opener film Future Fight

Mrs Krishna sainanee and Director Bharat Shripat sunanda’s eye opener film Future Fight

Many documentary films have been made on environment and global warming. But writer and director Bharat Shripat Sunanda has made a very commercial and effective short film Future Fight on this serious More »

Gurpreet Ghura To Enter in Hollywood

Gurpreet Ghura To Enter in Hollywood

Renowned Celebrity Bollywood Make-up-Artist from Mumbai , India recently shifted to United States. The little birdie had informed us..after The wedding show of Netflix, something’ big have landed in her kitty. Lemme More »

भोजपुरी के शोमैन प्रदीप के शर्मा के पुत्र राहुल शर्मा का बॉलीवुड से भोजपुरी में एंट्री, शुरू की “डार्लिंग” की शूटिंग

भोजपुरी के शोमैन प्रदीप के शर्मा के पुत्र राहुल शर्मा का बॉलीवुड से भोजपुरी में एंट्री, शुरू की “डार्लिंग” की शूटिंग

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में एक नये हैंडसम हीरो की धमाकेदार एंट्री हो गई है. जो भोजपुरिया सिनेप्रेमियों का फुल इंटरटेनमेंट करने वाले हैं. जी हाँ! हम बात कर रहे हैं भोजपुरी के More »

Rahul Borole’s work for the society as a social worker won the hearts of the people

Rahul Borole’s work for the society as a social worker won the hearts of the people

He is a rising political figure and also the owner of RB Social Media Marketing Agency Today, being a part of any industry comes with a lot of challenges and hurdles.  Making More »

Mumbai throngs Nisha JamVwal’s Art Fiesta  MEANDERINGS  by Lata Balakrishna

Mumbai throngs Nisha JamVwal’s Art Fiesta MEANDERINGS by Lata Balakrishna

Nisha JamVwal, celebrity columnist, art curator, interior architect and social activist presented Meanderings by Lata Balakrishna, a Modern contemporary Indian artist whose oeuvre JamVwal showcased at the Taj Mahal Hotel Art Gallery More »

रियल लाइफ स्टोरी से प्रेरित कनक फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म  “वॉचमैन”. जिसके निर्माता शरद कुमार श्रीवास्तव व निर्देशक विनय सांडिल्य है।

रियल लाइफ स्टोरी से प्रेरित कनक फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म “वॉचमैन”. जिसके निर्माता शरद कुमार श्रीवास्तव व निर्देशक विनय सांडिल्य है।

भोजपुरी सिनेमा में भी अब रियलिस्टिक फिल्मे बनने लगी हैं। महानगरों में “वॉचमैन” की भी अपनी एक जिंदगी होती है, जिसमे संघर्ष भी होता है, एक ड्यूटी भी और एक जिम्मेदारी का More »

CINTAA Hon Gen Secretary Amit Behl felicitated by Honourable I & B Minister Anurag Thakur at Symbiosis Pune

CINTAA Hon Gen Secretary Amit Behl felicitated by Honourable I & B Minister Anurag Thakur at Symbiosis Pune

CINTAA Hon Gen Secretary Amit Behl  represented CINTAA at Symbiosis Skills & Professional University, Pune as a Key Note Speaker for the National Conference on Emerging Digital Media Landscape – 2022 on More »

Sachin Pandit Succeeds On The Path To Social Media Prominence

Sachin Pandit Succeeds On The Path To Social Media Prominence

His YouTube channel provides detailed editing knowledge for new-age mediums like Instagram and other media platforms. The music industry is one that so far has seen the rise of innumerable such talented More »

 

Category Archives: Film Directors

Ashfaque Khopekar President Of Dadsaheb Phalke Film Foundation

मायानगरी केवल अभिनेताओं की नहीं अपितु रुपहले पर्दे के पीछे की भी दुनिया है जिसे लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन पर्दे के पीछे के इन्हीं लोगों की बदौलत रुपहला पर्दा चमकता है। इस पर्दे के पीछे निर्देशक, निर्माता, मेकअप आर्टिस्ट, जूनियर आर्टिस्ट, डांसर, लाइट मैन, टेक्नीशियन, स्पॉटबॉय, मजदूर और ना जाने कितने लोग शामिल रहते हैं। इन पर्दे के पीछे के नगीनों का चयन कर दादासाहब फाल्के फाउंडेशन अवार्ड उनकी योग्यता को परख कर सम्मानित करता है। ऐसे ही हीरों को हौसला दिलाने वाले नवीन राह दिलाने वाले हैं अशफाक कोपेकर।

अशफाक कोपेकर दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं। वर्तमान में वह स्क्रीन राइटर ऑफ इंडिया असोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। साथ ही इंडियन फ़िल्म डायरेक्टर असोसिएशन के साथ भी जुड़े है। इसके अलावा अशफाक कोपेकर विभिन्न असोसिएशन के साथ जुड़े हुए हैं। जहाँ वे फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए लोगों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की भी सहायता करते हैं और उन्हें उचित प्लेटफार्म भी मुहैया कराते हैं।

उनका मुख्य कार्य लेखन और निर्देशन है। इतने वर्षों से फ़िल्म उद्योग से जुड़ कर वह अनोकोनेक कार्य करते जा रहे हैं।

फ़िल्म उद्योग से जुड़ी कुछ बातों को लेकर अशफाक कोपेकर से हुई बातचीत के कुछ महत्वपूर्ण अंश…

प्रश्न – आप कब से फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं?

उत्तर – उन्नीस सौ तिरानवे से मैं फ़िल्म उद्योग से जुड़ा हुआ हूँ। जिसमें फ़िल्म उद्योग के रुपहले पर्दे और उसके पीछे जुड़े विभिन्न कामों को करता आ रहा हूँ। जैसे फिल्मों का निर्देशन, लेखन आदि कार्य।

प्रश्न – आपकी पहली शुरुआत कैसी रही और आपने क्या कार्य किया?

उत्तर – मुख्यतः मेरा मूल कार्य लेखन और निर्देशन है। मेरी पहली धरावाहिक ‘आजादी की ओर’ है और धीरे धीरे अपने कार्यों से आगे का पड़ाव चढ़ता गया।

प्रश्न – आप विभिन्न असोसिएशन से जुड़े हुए हैं इस बारे में व्याख्या करेंगे?

उत्तर – वर्तमान में स्क्रीन राइटर ऑफ इंडिया असोसिएशन का अध्यक्ष पद पर हूँ साथ ही दादा साहब फाल्के फ़िल्म असोसिएशन का अध्यक्ष हूँ। इंडियन डायरेक्टर असोसिएशन जैसे कई असोसिएशन के साथ जुड़ा हूँ और साथ मिलकर कार्य भी कर रहा हूँ।

प्रश्न – विगत कुछ वर्षों से दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन के आयोजन ना हो पाने का क्या कारण है?

उत्तर – दादा साहब फ़िल्म फाउंडेशन अवार्ड का आयोजन ना हो पाने का मुख्य कारण कोरोना प्रोटोकॉल है। विगत दो वर्ष से कोरोना महामारी के कारण सरकार के आदेशनुसार भीड़ इकट्ठी करने की मनाही थी। जबकि हमारे अवार्ड शो में बत्तीस से भी ज्यादा असोसिएशन का साथ होता है और एक असोसिएशन से बीस से पच्चीस लोग शामिल होते हैं। बिना असोसिएशन के सदस्यों के अवार्ड नहीं कर सकते साथ ही फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोग रहते हैं ऐसे में भीड़ बढ़ जाती है। लगभग हजारों लोगों को इकट्ठा करने का सरकार द्वारा आदेश प्राप्त नहीं है जिस कारण यह कार्यक्रम करने में कठिनाई हुई। हमारे ही नहीं इस कोरोना प्रोटोकॉल के कारण कई असोसिएशन के कार्य में बाधा आयी है। वैसे इस बार हमारी असोसिएशन का प्रयास है कि सरकार से आदेश प्राप्त कर अवार्ड का आयोजन किया जाए।

प्रश्न – आप दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन के लिए योग्य उम्मीदवार का चयन कैसे करते हैं?

उत्तर – इस अवॉर्ड में केवल हमारे असोसिएशन का ही कार्य नहीं होता बल्कि लगभग बत्तीस से ज्यादा असोसिएशन हमारे साथ जुड़े हुए हैं। वे ही हर क्षेत्र से चुनाव कर योग्य अवार्डी का नाम रिकमेंड करते हैं। साथ ही हमारे ज्यूरी मेम्बर भी होते हैं जो चयन प्रक्रिया में साथ निभाते हैं। यह चयन पूर्णतः निष्पक्ष और बहुमत के आधार पर होता है। इसमें योग्यता के आधार पर चुनाव कर निर्णय लिया जाता है। इसमें किसी पदाधिकारी का हस्तक्षेप नहीं रहता।

प्रश्न – यह अवॉर्ड किन क्षेत्र विशेष को दिया जाता है?

उत्तर – इस अवार्ड में सिल्वर स्क्रीन में दिखाई देने वाले लोगों से पहले जो फिल्मी पर्दे के पीछे काम कर रहे हैं उन लोगों का चयन कर अवार्ड से सम्मानित किया जाता है। साथ ही उन्हें ग्यारह हजार की राशि और अन्य सहायता भी प्रदान की जाती है। फ़िल्म निर्माण से जुड़े मेकअप मैन, डांसर, जूनियर आर्टिस्ट, टेक्नीशियन आदि इस अवार्ड में शामिल होते हैं।

प्रश्न – दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन अवार्ड की शुरुआत कैसे हुई अभी वर्तमान में दादा साहब के नाम से कई अवार्ड हो रहे हैं। आप इस बारे में कुछ मार्गदर्शन देना चाहेंगे?

उत्तर – दादासाहब फाल्के फ़िल्म फाउंडेशन अवार्ड हम बहुत पहले से करते आ रहे हैं। पहले इसका नाम दादा साहब फाल्के एकेडेमिक अवार्ड था बाद में इसका नाम परिवर्तित किया गया है। यह अवार्ड हमने दादासाहब के जन्मदिन के अवसर पर उनकी स्मृति और सम्मान में शुरू किया है। दादासाहब के नाम के इस अवार्ड को शाहरुख खान अपने ऑफिस में सामने रखते हैं, जबकि उनके पास अवार्ड्स की कोई कमी नहीं है। हाँ, वर्तमान में इस नाम से कई अवार्ड शो चलाये जा रहे हैं लेकिन मुझे उनसे कोई गिला नहीं क्योंकि वे अपनी आजीविका या प्रसिद्धि हेतु यह कर रहे हैं। किंतु जो वास्तविक है वह वास्तविक रहेगा कोई उसका मुखौटा लगाकर पूर्ण जीत प्राप्त नहीं कर सकता। वास्तविकता वो भी जानते हैं और अंजाम भी, अतः अपना कार्य पूर्ण यत्न से करते रहो।

प्रश्न – आप स्टार मेकर्स के लिए भी कार्य कर रहे हैं इस विषय की ओर आपका ध्यान कैसे गया?

उत्तर – हमारा असोसिएशन स्टार मेकर्स द्वारा चयनित योग्य और अच्छे गायकों को गाइड करता है और उचित प्लेटफॉर्म मुहैया कराता है। हमारे देश में योग्यताओं की कमी नहीं है। अभिनय और गायन क्षेत्रों में तो प्रतिभाओं का कोई सानी ही नहीं है। लॉकडाउन के दौरान हमने सोचा कि देश की इन प्रतिभाओं को मौका दिया जाए। जो भी स्टारमेकर्स के गायक हम तक पहुंचते हैं, हम उनकी सहायता करते है। खंडवा की तरुणा शुक्ला जो आल इंडिया रेडियो में गाती थी, उसे उसी के होमटाउन में गायन के क्षेत्र में प्लेटफॉर्म मुहैया कराया गया। उससे ‘लोरी’ गीत गवाया गया और डिजिटल प्लेटफार्म तक पहुंचाया। हाल ही में वडोदरा की वसुंधरा पंड्या को भी मौका दिया गया है। ऐसे ही नवीन और योग्य गायकों को मौका देकर उन्हें एलबम, फ़िल्म, शार्ट फ़िल्म आदि में गायन का मौका दिया जाता है और उनका मार्गदर्शन कर नया रास्ता देने की कोशिश की जाती है।

प्रश्न – दादासाहब फाल्के फाउंडेशन में क्या क्षेत्रीय स्तर के कलाकारों या फिल्मों को स्थान दिया जाता है?

उत्तर – जी, हमने अपने असोसिएशन के तहत क्षेत्रीय ही नहीं पड़ोसी देशों को भी भाग लेने का अवसर दिया है। बांग्लादेश और नेपाल से योग्य लोगों का चुनाव किया है। अलग अलग प्रांतीय क्षेत्रों से भी दो- दो योग्य लोगों का चुनाव भी किया जाता है। जो अलग अलग विभाग से होते हैं जैसे टेक्नीशियन, आर्टिस्ट आदि। इन्हें पुरस्कार के साथ धनराशि भी दिया जाता है और जल्द ही इनके इन्शुरेंस और पेंशन प्लान देने के बारे में भी विचार किया जा रहा है।

प्रश्न – क्या आप राजनीति में भी प्रवेश करना चाह रहे हैं?

उत्तर – नहीं, राजनीति में मेरी कोई रुचि नहीं है, मैं सर्वधर्म सर्वभाव में विश्वास रखता हूँ। मेरा मुख्य उद्देश्य मानवता के लिए हितकर काम करना है। मैं सभी को मानवतावादी दृष्टि से देखता हूँ ना कि धर्म विशेष जानकर। मैं दहिसर में ओम्कारेश्वर साई मंदिर ट्रस्ट का चैयरमेन हूँ तो वहीं बोरीवली में मस्जिद कमिटी में भी शामिल हूँ।

प्रश्न – युवा लोग जो मायानगरी के चमक को देखकर आते हैं किंतु कहीं खो जाते हैं आप उनके लिए क्या कहना चाहेंगे?

उत्तर – अगर आप कुछ करना चाहते हैं तो अपना स्वास्थ्य पर ध्यान दो। स्वस्थ तन है तो स्वस्थ मन होगा। स्वस्थ मन आगे बढ़ने के लिए हौसला और संयम प्रदान करेगा। ऊंचाई पाने के लिए शॉर्टकट नहीं अपनाओ अपने काबिलियत पर भरोसा कर धैर्य के साथ आगे बढ़ोगे तो मंजिल जरूर मिलेगी।

   

Ashfaque Khopekar  Littleknown Facts About Welknown Personality President  Of Dadsaheb Phalke Film Foundation

Director Neeraj Singh In collaboration with co-director Shraddha Srivastava will make a film on Prostitution and Religion

In collaboration with co-director Shraddha Srivastava and new writer Amit Chaturvedi, the writing of the film has been done.

Apart from Brijendra Kala, Nimai Bali, Mithilesh Chaturvedi, Sanjeev Jaiswal, Kajal Modi will be seen in an important role.

Mumbai. Where it is the dream of every parent to make their children a doctor or a good officer by giving them a good education, there is also a society where their daughters are pushed into business like prostitution by the family. And that society is barren and fetters. Two films were announced in Mumbai by film directors Neeraj Singh and Shraddha Srivastava, both films are based on very sensitive issues, one film depicts the oppression of women in the name of tradition in the Banchhada community, while the other film is the story of religion conflict. Regarding the issue of conversion taking place in Film director duo Neeraj Singh and Shraddha Srivastava, who are in discussion about their films, have already made Bikroo Kanpur Gangster together, while now together with filmmaker Dharmendra Singh, they are making a film on these two sensitive subjects. Talking about the story of the film, the story has been written about the background of Uttar Pradesh and Neeraj Singh, Shraddha Srivastava and Amit Chaturvedi have written it after doing a lot of research. The shooting of the film Banchhra will be held in Lucknow from March 28, while after finishing the shoot of Banchhra, the team will go out to shoot Dharma Dvd. The film is being produced by JD Film Production House Pvt Ltd and Waft Studios. The co-producers are Kunal Srivastava and Amrik Singh Mann, while the film’s creative directors are Sanjeev Trigunayat, executive producer Avi Prakash Sharma, associate producer Rajkamal Singh Tarkar, cinematographers Rajkamal Gupta and Rajkiran Gupta.

Both films of film director Neeraj Singh are based on sensetive issues.

In the Banchhada community, there is a celebration on the birth of a girl child, while no special interest is shown on the birth of a boy. Where every community has its own special ancestral work, the girls of Banchhada community are still forced to do prostitution. Film writer and director Neeraj Singh and Shraddha Srivastava is writing and directing a film named Banchhada- journey of a prostitute about this business of prostitution, which is running in the name of false practice in the Banchhada society. Neeraj Singh told that he is working on two films together. Film director Neeraj Singh said that the story of both his films is based on sensitive subjects, one exposes the prostitution taking place in the name of tradition, while the other film, whose name is Conversion, shows the religious conversion taking place in the world. The film shows how religious conversions are taking place globally. There are many states in India itself where people of different community incite to convert to another community saying that they are not safe in their religion.

Film director Neeraj Singh said that he has co-written the story of the film with his co-writer and director Shraddha Srivastava, while the film is being produced by Neeraj Singh and Dharmendra Singh himself, with Rajkamal Singh Tarkar co-producer of Banchhada. Neeraj Singh is known for making films on sensitive subjects, before this he directed Bikru Kanpur Gangster which was based on the life of gangster Vikas Dubey. He had to face many threats for the film Vikas Dubey. Nimai Bali, Mithilesh Chaturvedi and Javed Haider are in the lead roles in the film Banchhada, while the casting for the conversion is still going on. Banchhada – Journey of a Prostitute is being produced by JD Films Production House Pvt Ltd and Waft Studios , whereas the Dharm Dwand  itself will be produced by Neeraj Singh’s home production house Waft Studios.

    

Film director duo Neeraj Singh and Shraddha Srivastava Announces Two New Films

Producer – Director Aparana S Hosing Shared First Look Of Kaanbhatt

Filmmaker Aparana S Hosing took the social media on Wednesday to release first look poster of his film ‘Kaanbhatt’. The poster of Kaanbhatt had a surprise element as the lead actor Bhavya Shinde stunned everyone with his look.

Acclaimed Producer Aparana S Hosing, who has been working in Bollywood from last 9 years and was the Producer for films like ‘Jeena Hai Toh Thok Daal’, ‘Uttpattang’ and ‘Dassehra’ (Staring Neil Nitin Mukesh), will be debuting as a director with this Marathi movie. Mrs. Hosing says, “The Marathi cinema is setting new benchmarks. This film talks and portrays a story of a young boy about his dream and desire but destiny has something else for him for which he went on a different path. The story depict relationship between Ved and Science. This is style of film”.

The film is all set to release in theatres in 2019. The film shot at Bhor Rajwada, Mumbai and Uttrakhand. The beautiful music done by Rahul Ranade, lyrics by Guru Thakur. Film DOP is Arun Varma.