World Prematurity Day Celebrated At SRCC Children’s Hospital

World Prematurity Day Celebrated At SRCC Children’s Hospital

Of the 15 million babies born preterm globally, 1/5th are born in India. When a child is delivered early, the organs of the baby are not fully developed and it is important to More »

Exhibition VIVAH Organized By Manissha Bhadra’s Fashion Trend  And Dhaval Shah’s Malhar

Exhibition VIVAH Organized By Manissha Bhadra’s Fashion Trend And Dhaval Shah’s Malhar

“Vivah” exhibition curated by ‘Fashion Trend’ and  ‘Malhar’ at ‘Tip Top Plaza’ Thane on 17 to 19 november. The Directors of the event are Manishaa Bhadra, Dhaval Shah, Priti Shah and Rajshri More »

कायस्थों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुटता जरूरी – राजीव रंजन

कायस्थों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुटता जरूरी – राजीव रंजन

कायस्थ समाज का स्वर्णिम और गौरवशाली इतिहास : रागिनी रंजन 19 दिसंबर को नई दिल्ली में कायस्थों का महाकुंभ होगा निर्णायक कायस्थ समाज अपने स्वर्णिम इतिहास को एक बार फिर दोहराएगा : More »

Nikkita Ghag – A Wild Card Entry Of Renowned Fashion Model In Bollywood

Nikkita Ghag – A Wild Card Entry Of Renowned Fashion Model In Bollywood

Nikkita Ghag a known fashion model who has over 42k + followers on Instagram is now entering into the film industry for her upcoming projects.  She is soon producing a music album More »

Rajkumar Khurana was Honored with the Appreciation Award at Komal & V K Pahuja Theater Festival

Rajkumar Khurana was Honored with the Appreciation Award at Komal & V K Pahuja Theater Festival

बॉलीवुड एक्टर राजकुमार खुराना जो की टेबल टेनिस प्लेयर भी हैं।कई बार वह टेबल टेनिस में गोल्ड मेडल और ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन  More »

रत्नाकर कुमार के साथ दुबई में पोज देते दिखे अंकुश राजा

रत्नाकर कुमार के साथ दुबई में पोज देते दिखे अंकुश राजा

भोजपुरी सिनेमा जगत में तहलका मचाने वाले अंकुश राजा की जोड़ी दुबई में शूटिंग के लिए पहुंच गई है। हालही में वर्ल्डवाइड रिकार्ड्स के एमडी रत्नाकर कुमार के साथ अंकुश राजा ने More »

Silent Forms – An Exhibition of Paintings by well-known artist Mukhtar Kazi From 16th to 22nd November 2021

Silent Forms – An Exhibition of Paintings by well-known artist Mukhtar Kazi From 16th to 22nd November 2021

VENUE: Jehangir Art Gallery 161-B, M.G. Road, Kala Ghoda, Mumbai 400001 Timing: 11am to 7pm Contact: 9821310397 www.mukhtarkazi.com  A naturally gifted artist, Mukhtar Kazi born in 1977 who holds a diploma in More »

2 साल बाद प्रभुदेवा करेंगे एक्टिंग में धुँएधार वापसी  अंजुम रिज़वी – आशीष दुबे की फिल्म  जर्नी   में आएंगे नजर

2 साल बाद प्रभुदेवा करेंगे एक्टिंग में धुँएधार वापसी अंजुम रिज़वी – आशीष दुबे की फिल्म जर्नी में आएंगे नजर

बॉलीवुड और टॉलीवुड के दिल में बसनेवाले, अपने अफलातून डांसिंग और उम्दा डायरेक्शन से सबके होश उड़ाने वाले फिल्म एक्टर, डांसर और डायरेक्टर प्रभु देवा के चाहनेवालों के लिए एक खुशखबरी हैं More »

 

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Poet Shashi – Her Latest Hindi Poems And Introduction

कवयित्री शशि – परिचय

शशि एक बहुत ही योग्य कवयित्री होने के साथ साथ गीतकार एवं  कहानीकार ( लेखिका)  हैं। जैसा कि हम सभी को विदित है कि हमारा  भारतवर्ष गांवों का देश है। ये बड़ी मेहनत एवं लगन से एमकाे म्यूज़िक प्रा. लि. कंपनी के लिए हिन्दी फ़िल्म की कहानी ग्रामीणों के जनजीवन के  विकासपूर्ण उद्देश्य से लिख रही हैं।

ग्रामीणों की तरक्की, समृद्धि एवं  उज्वल भविष्य हेतु अपनी कलम से यह फिल्म की कहानी देश को समर्पित करना चाहती हैं। आशा है कि निकटतम भविष्य में एमको म्यूज़िक कंपनी इस कहानी को हिन्दी फ़िल्म के जरिए देश एवं दुनियां को समर्पित करेगी।

कवयित्री: शशि

**   गणित  **

यह गणित बड़ा दुखदाई है

छात्र  छात्राओकी आफ़त आई है

स्कूल से जब घर जाते

दस बीस सवाल निकलते

मानो दिमाग में काई है

यह गणित बड़ा दुखदाई है

यह रखता है और भी शाखाएं

बीज गणित और रेखाएं

पर सब में है कठिनाई

यदि होता मेरा राज यहां

क्यों होता जग में गणित  भला

जग कहता यह बड़ा सुखदाई

मैं कहती यह बड़ा दुखदाई

कवयित्री :  शशि

**  नेक सलाह  **

खाना चाहते हो तो ” गम” खाओ

पीना चाहते हो तो ” क्रोध” पियो

पहनना चाहते हो तो ” नेकी” का जामा पहनो

 

देखना चाहते हो तो ऊंची निगाह से देखो

लेना चाहते हो तो सिर्फ़ आशीर्वाद लो

छोड़ना चाहते हो तो सिर्फ़ पाप और अत्याचार छोड़ो

 

रखना चाहते हो तो ” इज्ज़त” रखो

बोलना चाहो तो सदा ” सत्य” बोलो

जीतना चाहो तो ” तृष्णा” को जीतो

 

मारना चाहो तो बुरी इच्छा को मारो

देखना चाहो तो अपने आप को देखो

भोगना चाहो तो सन्तोष को भोगो

 

फेंकना चाहो तो ” ईर्ष्या” को फेंको

हारना चाहो तो ” अनीति” को हारो

दिखलाना चाहो तो दया दिखलाओ

 

करना चाहो तो समाजसेवा करो

सीखना चाहो तो अनुशासन सीखो

पढ़ना चाहो तो अच्छी पुस्तक पढ़ो

  

——सौजन्य से: अरुण शक्ति मैनेजिंग डायरेक्टर

——एमको म्यूजिक प्रा. लि. मोबाइल नम्बर: 9468467100

Even today the literary journey of Poojashree continues

आज भी साहित्यिक यात्रा जारी है साहित्य की मीरा पूजाश्री का

चर्चाओं के बीच : साहित्य की मीरा पूजाश्री

राजस्थान की तपती रेत को रौंद कर मायानगरी मुम्बई तक पहुंचने वाली लेखिका पूजाश्री अपने साहित्य में भारत की कला संस्कृति को सरंक्षित करते हुए फ़िलवक्त उसके प्रचार प्रसार में गतिशील हैं। हिंदी और राजस्थानी दोनों भाषाओं में 18 से अधिक पुस्तकों को सृजित करने वाली पूजाश्री का जन्म 29 मार्च 1951 को हुआ था। बचपन से ही विचारों को, भावनाओं को अपने शब्दों से स्वरूप प्रदान करने वाली पूजाश्री मास्टर ऑफ आर्ट्स में साहित्यरत्न हैं। हिंदी,संस्कृत,राजस्थानी,उर्दू और मराठी भाषा पर पूर्ण अधिकार रखती हैं। साथ ही साथ  आज के हिंदी साहित्य में सर्वोच्च स्थान रखती हैं। पूजाश्री निर्भीकता से अपनी लेखनी से समाज की कुरीतियों, नीतियों पर प्रहार करने से भी नहीं चूकतीं और अपनी साहित्यिक यात्रा जारी रखी हुई हैं।

‘पनघट'(काव्य संग्रह), ‘रेखाएं'(काव्य संग्रह), ‘रेत है रातनालीअ'(राजस्थानी काव्य संग्रह), ‘ नारी यदि चाहे तो'(कहानी संग्रह), ‘मेरे आराध्य'(भक्ति काव्य संग्रह), ‘देश मेरे'(देश भक्ति गीत), ‘राम कथा और तुलसीदास'(गद्य व पद्य), ‘प्रणय पराग'(काव्य संग्रह), ‘छद्मवेश’, ‘ओलख रा उजियारा'(राजस्थानी कहानी संग्रह), ‘शुभ मंगल'(राजस्थानी काव्य संग्रह), ‘तिश्नगी’ (नज़्म संग्रह), ‘रोसनी री सुई'(राजस्थानी कविता संग्रह), ‘ज़िंदगानी री जोगण'(राजस्थानी कविता संग्रह), ‘अभिलाषा'(सरस अखंड काव्य), ‘मेलो'(राजस्थानी), ‘वंदे मातरम बाल साहित्य बाल साहित्य(राजस्थानी), ‘सत्यमेव जयते'(हिंदी), और ‘योग कवंल'(योग पर रचनाएं हिंदी) जैसी कई पुस्तकें पूजाश्री की, पाठकों तक पहुंच चुकी है। पूजाश्री की तीन अन्य पुस्तकें वर्तमान समय मे प्रकाशाधीन हैं।

पूजाश्री को उनकी लेखकीय गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए, मानस संगम(कानपुर) द्वारा साहित्य पुरुस्कार, राष्ट्रीय आत्मा स्मारक द्वारा श्रीमती जय देवी शुक्ला पुरुस्कार, राजस्थानी गीतों के लिए जनपदीय सम्मान और मानव कल्याण संघ(साहित्य लोक) प्रतापगढ़, उत्तरप्रदेश द्वारा सहित्यश्री पुरुस्कार, हम सब संस्था(ठाणे, महाराष्ट्र) द्वारा सार्वजनिक सम्मान, अखिल भारतीय सहियकार अभिनंदन समिति(मथुरा, उत्तरप्रदेश) द्वारा कवियत्री महादेवी वर्मा सम्मान, साहित्यकार सम्मेलन(उज्जैन) द्वारा सम्मान पत्र, महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी द्वारा मुंशी प्रेमचंद साहित्य पुरुस्कार, नारायणी साहित्य अकादमी (दिल्ली) द्वारा नारायणी सम्मान और कई तरह के परुस्कारों से नवाज़ा जा चुका है। देश विदेश के सभी मुख्य पत्र पत्रिकाओं में छप चुकी और अपनी प्रथम मंचीय रचना मुम्बई की धरती पर पढ़ने वाली और साहित्य की मीरा के नाम से ख्याति प्राप्त लेखिका पूजाश्री हिंदी साहित्य की वर्तमान दशा को देख कर काफी व्यथित व विचलित नज़र आती हैं। पूजाश्री ने साहित्य के माध्यम से सेवा समर्पण सहयोग सदभावना युक्त संदेश लोगों तक पहुंचने के लिए बहुत संघर्ष किया और उनका संघर्ष आज भी जारी है।

बकौल पूजाश्री आज अंग्रेजी का बोलबाला है। नई पीढ़ी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ कर निकाल रही है….वैसे आज के दौर में हिंदी साहित्य पाठ्यक्रमों से बाहर निकलता प्रतीत होता है…ये शुभ संकेत नहीं है। मैं अपना समय ज़िन्दगी सबकुछ साहित्य को अर्पण कर चुकी हूँ। मेरी इच्छा है कि संदेशपरक साहित्य पाठकों तक पहुंचे। जिसका घोर अभाव आज के दौर में दिखाई देता है…

  

फिर भी अंतिम समय तक मैं साहित्य के माध्यम से समाज की सेवा करती रहूँगी ।

प्रस्तुति : काली दास पाण्डेय

Poet Shashi’s New Poem MANAV KRODH Published by Amco Music

कवयित्री:  शशि

मानव क्रोध

आता है जब क्रोध, लाल चेहरे को कर देता है,

नेत्र आग बरसाते हैं, बुद्धि को हर लेता है,

समय, धर्म, धन का विनाश कर, पाप वृद्धि करता है,

क्रोध महाराक्षस, मानव की समूल शान्ति हरता है।

 

रक्त विकृत हो जाता है, खाया पानी बन जाता है,

आते रोग अनेक, क्षीण मन दुख से भर जाता है,

न कहने योग्य शब्द, मुख से झरने लगते हैं,

अगले के मानस, पीड़ाओं से भरने लगते हैं।

 

क्रोध बढ़ाता बैर, स्वजन को कर देता परजन है,

भय का वातावरण, बनाकर पीड़ित करता मन है,

छोटी छोटी बातों में भी, क्रोध नहीं अच्छा है,

करके क्रोध जीत नहीं सकते, जो छोटा बच्चा है।

 

क्रोध पशुत्व स्वभाव,  विवशता की दुर्लभ बेड़ी है,

जिसने सम्यक समझ लिया, उसने इसको तोड़ी है।

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

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Poetess Shashi’s New Poem Released By Amco Music

कवयित्री: शशि  ” विद्या का गागर ”

बूंद बूंद करके बना था सागर,

उस सागर से भरा

मेरी विद्या का गागर,

 

कण कण मैंने एकत्रित किए,

कि मैं भी पढ़ लिख जाऊं,

फिर वक्त के काले बादल आए,

पढ़ने से फिर टोंक दिया

 

मैं फिर बोल पड़ी

कि दुनियां में तुमने क्या देखा,

बदल गया था ज़माना

उस ज़माने को मैंने देखा,

 

चल पड़ी मैं उस पथ पर

जो जन्नत को ले जाता था,

उस वक्त पाया मैंने

मेरे जीवन में उजियार था,

 

छोड़ दी मैंने अनपढ़ता,

पढ़ा लिखा कुछ नाम किया,

दुनियां की ये अंधियारा

पल भर में मैने पोंछ दिया,

 

मैंने फिर से संकल्प लिया

अनपढ़ता को मिटाना है,

साक्षरता को फिर एक बार

फिर इस दुनियां में लाना है,

बूंद बूंद…………….

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

Manoj Kumar Rai wrote a useful book PAHALWAN SAHEB on freedom fighter Bhagwat Rai Released by CM Uddhav Thackeray And Appreciated By Amitabh Bachchan-Virat Kohli -Ranbir Kapoor-Shilpa Shetty-Kailash Kher

स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय पर मनोज कुमार राय ने लिखी उपयोगी पुस्तक “पहलवान साहेब”  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा विमोचन, अमिताभ बच्चन, विराट कोहली, रणबीर कपूर, शिल्पा शेट्टी, कैलाश खेर द्वारा मिली सराहना

पहलवान भागवत राय पर बायोपिक फ़िल्म ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाई जाएगी

देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होनें युवावस्था में ही कई रिकॉर्ड बना कर अपनी हैरतअंगेज और चमत्कारिक ताकत का परिचय दिया।भागवत राय जी ने आज़ादी से पहले देश में सर्कस कम्पनी खोलकर अंग्रेज़ों से लोहा लिया था। अब मनोज कुमार राय ने अपने दादा भागवत राय पर एक पुस्तक “पहलवान साहेब” लिखी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने निवास पर इस पुस्तक “पहलवान साहेब” का विमोचन किया। यह पुस्तक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) मनोज कुमार राय द्वारा लिखी गई है। अमिताभ बच्चन और शिल्पा शेट्टी के सन्देश भी पुस्तक में प्रकाशित किए गए हैं।मनोज कुमार राय की यह पहली किताब है जिसमे 15 अध्याय हैं। इस पुस्तक में भागवत राय की विलक्षण प्रतिभा से पाठकों को अवगत कराया गया है। प्रभाकर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह किताब अमेज़ॉन सहित कई ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है।

गौरतलब है कि भागवत राय देश की महान विभूतियों में से एक रहे हैं। वह स्वतंत्रता पूर्व भारत के सबसे ताकतवर व्यक्ति थे। 1925 में उन्होंने अपनी सर्कस कम्पनी शुरू की थी। तेज भागती गाड़ी रोकना और हाथी को अपने सीने पर खड़े करना जैसे कई आश्चर्यजनक कारनामे उन्होंने किए।

मनोज कुमार राय ने यह किताब विराट कोहली, एक्टर रणबीर कपूर, लेखक चेतन भगत, गायक कैलाश खेर सहित कई फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों को भेंट की, और सभी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पुस्तक को लिखने के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

अमिताभ बच्चन का कहना है कि भागवत राय एक पहलवान होने के नाते न सिर्फ शरीर के बल बल्कि मानसिक दृढ़ता के भी प्रतीक थे। उन्होंने अपनी अलग सोच, लग्न और त्याग की भावना से देश को आज़ाद देश बनाने में अहम योगदान दिया।

वहीं शिल्पा शेट्टी कुन्द्रा ने कहा कि भारत के शूरवीर स्वतंत्रता सेनानियों में से एक भागवत राय जी के बारे में हर भारतीय को पढ़ना चाहिए। मनोज कुमार राय ने अपनी इस किताब में भागवत राय की चुनौतियों, संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन किया है। उनके जीवन के हर पड़ाव को और उनकी जिंदगी की हर छोटी बड़ी बात को लेखक ने बखूबी पेश किया है।”

भाजपा के कद्दावर नेता तथा पूर्व रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा जो अब जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं, इन्होंने भी लेखक मनोज कुमार राय को पत्र भेजकर लिखा है कि आपने मुझे अपनी किताब पहलवान साहेब मुझे भेजी है शुक्रिया। भागवत राय की 121 वीं जयंती पर यह किताब दरअसल उस महान शख्सियत को असली ट्रिब्यूट है।”

आपको बता दें कि इस पुस्तक पर बेस्ड पहलवान भागवत राय पर ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले एक फ़ीचर फ़िल्म भी बनाई जाएगी जिसकी निर्मात्री संगीता राय हैं।

लेखक मनोज कुमार राय का कहना हैं कि अदम्य साहस के प्रतीक, युवा क्रांतिकारियों के प्रेरणास्रोत और महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय जी का जन्म बलिया, उत्तरप्रदेश में हुआ था। भागवत राय जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। इस पुस्तक में उनकी इन्हीं विलक्षण प्रतिभा से पाठक को अवगत कराया गया है।  उनकी 121वीं जयंती पर अपनी श्रद्धांजलि के रूप में दुनिया के सामने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को नये रूप और नये कलेवर में समाज के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ।”

वाकई यह किताब हर देशवासी को पढ़नी चाहिए और अपने देश की ऐसी महान विभूति के जीवन, संघर्ष और त्याग के बारे में जानना चाहिए।

कुश्ती कला के जादगूर पहलवान भागवत राय को ढेर सारे पुरुस्कारों और सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। भागवत राय (1899-1944) ब्रिटिश साम्राज्य के पहले भारतीय पहलवान थे जो अपने सीने पर हाथी चढ़वाते थे। वो महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय से बेहद प्रेरित थे। भागवत को अपने देश की मिटटी से गहरा लगाव था, जिसकी वजह थी कि महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय भी इसी मिटटी के सपूत थे।

     

यह पुस्तक वास्तव में जानकारी और प्रेरणा का स्रोत है जिसके लिए लेखक मनोज कुमार राय बधाई के पात्र हैं।

Raja Sarfaraz An Indian Writer And Actor Of Rare Calibre

Raja Sarfaraz Is an Indian Writer and Actor Hails Basically From Jammu and Kashmir District Doda Bhalessa.Raja Sarfaraz is a Columnist also who currently is A PHD Scholar in English literature as well. During Junior Engineering inspired he did Theater and so Made Acting his Carrier. His First Book Tears Of  Kashmir is a quest to Bring Peace and Brotherhood Back In Kashmir is Voice of Silent Mountains and Nature of Kashmir.

*Raja Sarfaraz is Well known For 92 Hours Webseries Negative Lead,

*Ye Meri Kahani Ha Damini ( Hindi Film Nased on Rape Case released in 2013)

* His Upcoming Movie is DUST,

* Upcoming Webseries are Lahore Dairies,  Mission 70, Cynanide Mohan, Scammy.

He has worked in Few Music Videos in Hindi ,Punjabi, Kashmiri, Arabic.

Following are links of ,Articles ,videos, Etc.

               

Webpage:

rajasarfaraz.com

Twitter 

mobile.twitter.com › rajasarfaraz786

Raja Sarfaraz Official (@RajaSarfaraz786) | Twitter

YouTube 

https://www.youtube.com/channel/UCQesdf2suc-5uIkq8JOoyVA

Book Tears of Kashmir 

https://www.flipkart.com/tears-of-kashmir/p/itmfa4uzsmevsxav

Ilaa Verma Aspiring Actress And Writer

Ilaa Verma as an actor done many shows like ‘Prithvi Vallabh’, ‘Crime Patrol’, ‘Crime Alert’, ‘Savdhan India’, exo bar advertisement, zee  music album and now she is moving a head and as a writer she is launching her 1st novel with notion publication.

Her novel is based on lgbt community and it’s a love story of two girl. While in an interview she said “love is a feeling, you never know with whom you fall in love” Why we are creating discrimination by using the term community and dividing the world into straight and lgbt community. It took 8 year of her life to wrote this beautiful love story of Jannat kapoor and Nia sharma. They are the lead character of the novel. Jannat is fearless flying bird of the sky and a stom with power who believe rules are made to be broken and Nia is soft spoken, caring and loving characters who belive one day she will be free from these rule and regulations. Nia is like a rain and author ilaa verma says every Strom remains in her rain and every rain wait for her Strom.

Ilaa verma support lgbt community and wants to decrease their struggle in the society. She also said that “jaha pai rule and regulations ki zarurat nh hai waha pai had sai zada rule and regulations hai aur jaha hone chahiyea waha pai kuch bhi nh hai… She also said that now a days our bollywood is showing lgbt story in a way that is based on lust but it’s about love not the lust and she also want to bring the change in the concepts through her story.

  

Her novel unusual is doing great and it’s having highest rating also. It is a must read book for everyone. Book also deals with social taboos and she believe one day world understand the true meaning of love. She also said how to love? Whom to love? Is a thing that need not to be decide by the society it’s need to be personal preferences.

People like ilaa verma is a gem who work and try to bring change.


Union Minister S Jaishankar Launches Veteran Journalist Prem Prakash’s Book Reporting India – My Seventy Year Journey As A Journalist At Kitaab Event

केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर ने ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में अनुभवी पत्रकार प्रेम प्रकाश की पुस्तक “रिपोर्टिंग इंडिया: मेरे सात दशकों के अनुभव पर आधारित’’ का लोकार्पण किया

21 दिसंबर 2020, कोलकाता / नई दिल्ली:  केंद्र सरकार में विदेश मंत्री श्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने अनुभवी पत्रकार प्रेम प्रकाश द्वारा लिखी ”रिपोर्टिंग इंडिया: मेरे सात दशकों के अनुभव पर आधारित” पुस्तक का ऑनलाइन बुक लॉन्च कार्यक्रम किताब’ में इसका लोकार्पण किया। पेंगुइन इंडिया के सहयोग से कोलकाता के प्रभा खेतान फाउंडेशन (पीकेएफ) द्वारा इस ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। देशभर से प्रख्यात साहित्यकार, विद्वान, पुस्तक प्रेमी, छात्र और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार इस ऑनलाइन कार्यक्रम में में शामिल हुए थे।

लेखक प्रेम प्रकाश के साथ पैनलिस्ट शीला भट्ट और सुशांत सरीन की मौजूदगी में पीकेएफ की सुश्री आकृती पेरीवाल ने सत्र की शुरुआत की। एक घंटे से ज्यादा चलनेवाले इस ऑनलाइन कार्यक्रम का समापन  श्री वेंकट नारायण के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने प्रेम प्रकाश द्वारा सात दशकों के पत्रकारीय अनुभव पर आधारित इस पुस्तक पर कहा:  प्रेम प्रकाश की पुस्तक वास्तव में उनके जीवन की बड़ी उपलब्धि है। वह कुछ कभी ना भुलानेवाली घटनाओं के दौरान देश के लोगों की स्थिति एवं देश की छवि को इस पुस्तक के जरिये पेश करने की कोशिश की है। वह हमेशा वास्तविक स्थिति में रहकर अलग सोचते हैं। देश की विभिन्न घटनाओं का रिकॉर्डर हमेशा उनके मन में ताजा रहा है। उनकी पुस्तक एक व्यापक प्रवाह है जिसे आज की युवा पीढ़ी को उस अतीत के युग के वार्तालाप को अवश्य पढ़कर पहले के युग की जानकारी रखनी चाहिए।”

प्रेम प्रकाश, जिन्होंने 1971 में भारतीय समाचार एजेंसी एशियन न्यूज नेटवर्क (एएनआई) की स्थापना की। जो भारत और विदेशी मीडिया घरानों को सिंडिकेटेड मल्टी-मीडिया न्यूज़फ़ीड प्रदान करती है। उनका कहना है कि हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा अब बकवास लगता है। अतीत के दिनों में चीनियों के प्रति भारत की रणनीति एवं विचारों को एक तरह के रूमानियत के रूप में वर्णित किया जा सकता है। हमने तिब्बत के लिए अपना सबकुछ छोड़ दिया, जबकि चीनी अपनी संप्रभुता पर जोर देकर अब तिब्बत पर पूरी तरह से कब्जा करने की फिराक में लगे हैं।

लेखक, जो एक पत्रकार के रूप में पहली बार 1962 में हुए भारत- चीन सीमायुद्ध के दौरान भारतीय सेना की दयनीय स्थिति को देख चुके थे, उन्होंने अपनी हालिया पुस्तक में कहा है कि, नेहरू व्यक्तिगत रूप से इस पराजय के लिए जिम्मेदार थे, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल की शुरुआत में भारत के सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को नजरंदाज किया था। नेहरू मानते थे कि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी रखने पर युद्ध कभी नहीं हो सकता है, लेकिन चीन की तरफ से इसके विपरित युद्ध के तौर पर आक्रामक रूख देखा गया। भारत-चीन युद्ध के बाद 20 महीनों के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों को पुनर्जीवित करने और अत्याधुनिक हथियारों से लैस कर मजबूत सेना के गठन का प्रयास शुरू किया गया।

प्रेम प्रकाश ने कहा कि, अफगानिस्तान पहले क्या हुआ करता था और उसका अभी भविष्य क्या है, अफगानिस्तान के अभी की स्थिति को याद करने से काफी दुख की अनुभूति होती है। कई मामलों में अफगानिस्तान कोल्ड वार का शिकार होने से पहले भारत से काफी आगे रहा करता था। लेकिन इस्लाम खतरे में है, का नारा अफगानिस्तान में इस्लामिक कट्टरवाद की स्थापना के लिए किया गया, और अब अफगानिस्तान को हमारी मदद की जरूरत है। भारत को एक बड़ा देश होने के कारण हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हम उनकी मदद करें। हमें यह पूछने का हक है कि, चाबहार बंदरगाह को कार्यात्मक बनाने में इतना समय क्यों लग रहा है? यह भारत के हित में है कि अफगानिस्तान को खुशहाल दिनों में वापस पहुंचाने के लिए कारगर कदम उठाया जाये। तालिबान के गलत सोच एवं फैसले ने अफगानिस्तान को प्रगति से काफी दूर वापस पाषाण युग के अंधेरे में धकेल दिया है।

आज की पत्रकारिता की गुणवत्ता पर श्री प्रकाश ने कहा, मौजूदा समय में कई बड़े संस्थान मार्केट में हैं। उन्हें अपने युवा पत्रकारों को अपने क्षेत्र में जाकर बहुत कुछ पढ़कर, तथ्यों के मुताबिक रिपोर्ट करने पर जोर देना चाहिए।

प्रेम प्रकाश उन कुछ गिने-चुने पत्रकारों में से हैं जिन्होंने सात दशकों के अपने शानदार करियर में भारत के सभी प्रधानमंत्रियों से साक्षात्कार ले चुके हैं। उन्होंने अपने जीवन को खतरे में डालते हुए बांग्लादेश के अंदर से 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध की सूचना दी थी। वह कुछ ऐतिहासिक घटनाओं जैसे गोवा, भारत-चीन सीमा युद्ध, भारत-पाकिस्तान युद्ध, भोपाल गैस त्रासदी, कोलंबो में राजीव गांधी पर हमले और एक फोटोग्राफर, रिपोर्टर और कैमरामैन के रूप में पत्रकारिता कर रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के साथ विद्रोहियों को देखा है जिसका जिक्र उन्होंने अपनी पुस्तक में भी विस्तार से किया हैं।

हम अभी भी भारत के साथ पूरी दुनिया को पश्चिमी सभ्यता के संवाददाता की दृष्टिकोण से देखते हैं। मैं अबतक यह समझने में असफल रहा कि भारतीय मीडिया घराने, जो भारी मुनाफा कमाते हैं, विदेशों में अपने संवाददाताओं को नियुक्त करने में असफल क्यों रहते हैं, हमेशा वे वहां के संवाददाताओं पर आश्रित रहकर भारत में विदेशी दृष्टिकोण से उन देशों के समाचार प्रस्तुत करते हैं।

किताब’’ कार्यक्रम कोलकाता की सामाजिक संस्था प्रभा खेतान फाउंडेशन की एक पहल है, जो लेखकों के साथ बुद्धिजीवियों, पुस्तक प्रेमियों और साहित्यकारों को जोड़कर पुस्तक लॉन्च के लिए एक मंच प्रदान करता है। शशि थरूर, विक्रम संपत, सलमान खुर्शीद,कुणाल बसु, वीर सांघवी, विकास झा, ल्यूक कुतिन्हो जैसे अन्य प्रख्यात लेखक इससे पहले ‘किताब’ कार्यक्रम में सफलतापूर्वक अपनी बुक लॉन्चिंग कर चुके हैं।

FILMMAKER ABHIK BHANU’S 4th BOOK HONCHO GOES TO HOLLYWOOD

MUMBAI: California based publishing company ‘PageTurner Press and Media LLC’ has released Indian filmmaker and writer Abhik Bhanu’s fourth book titled “Honcho” recently at Amazon and many other online platforms across the globe. It is a terrorist story on Kashmir that has hit the world.

Abhik Bhanu’s fictional book “Honcho” talks about Kashmir’s story told Post 370. Has terrorism vanished and peace and tranquility healed wounds of people? Has Kashmiri Pandits returned to their homes? What is the reality of Kashmir? Or, after the revocation of Article 370 in J&K, a deadly game of supremacy began.

From the book: “Do you know who the Honchos of these politicians are? The arms manufacturing companies of the world… They decide who lives and who dies. They! They are so powerful that they can destroy the world in seconds; if they decide to do so together. These companies do not have any country or religion. They only know money and power. The politicians obey these Honchos. They have money, they control the state. They help political parties to create issues; so that countries fight and they can sell their arms,” says the movie director (character) from the book.

He continued after a short pause. “Where would they sell their arms if people don’t fight? You know that F series producing company supplied arms to both Iran and Iraq. The war continued for nine years. They need fighters and issues so that they can continue the war. They know they can win their seats in Assembly and Parliament just by keeping these issues alive.”

The terrorist was listening quietly, so the movie director continued, “Even if Kashmir gets freedom what would you have? Nothing… Few political families rule the nation as Congress ruled India for seventy years. Politics is filth. Full of mud and dirt. You are a simple honest Kashmiri man. A talented performer… Everyone clapped for you. I bet you can’t forget that your entire life. Can you? Have you heard of Gandhi? He fought against British Colonialism. Did he take up arms? He didn’t hurt anyone, didn’t kill anyone and the entire world loved his approach. He fought with a strategy and won.”

Abhik Bhanu, a journalist by profession has ventured into creative cinema as writer-director and producer. He has made three Hindi feature films viz: Sab Kuch Hai Kuch Bhi Nahi”, “A Dark Rainbow” and “Gun Pe Done”. He has also made short films too. His earlier published books are: “A Dark Rainbow”, “Stool Pigeon” and “Blind Faith”. Other than this fourth book he has multiple thriller and crime stories in the pipeline of releases.

The author has dedicated the book to all the global film community. Speaking about this book about the book Abhik Bhanu says, “The subject on Kashmir has been touched with witty, humour and satire. The novel offers guts and conviction and on the other hand portrays friendship and love in any situation. The book has grey characters which believe in rules can be broken as and when required, or rather manipulate it as and when needed.”

Abhik Bhanu further adds, “The book enlightens the passion of a filmmaker. It took me as long as 15-years to pen this book. It’s nice for a movie script too.”

He further reveals that Honcho has been published by PageTurner Press and Media, a California (Chula Vista) based publishing company which also promises to make a Hollywood movie based on the book.

Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर ने मोहिनी केंट द्वारा लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को किया लॉन्च

12 नवंबर, 2020, कोलकाता / लंदन: प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता की तरफ से स्वाति अग्रवाल के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जीवन में स्नेहमयी माताओं के प्यार एवं योगदान पर लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को ऑनलाइन लॉन्च किया गया। इस पुस्तक में आध्यात्मिक गुरुओं, ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, राजनीतिक नेता, शाही परिवारों के सदस्य, अभिनेता, उद्यमी, पत्रकार, फोटोग्राफर और डॉक्टरों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

श्री सीमेंट द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर, ब्रिटिश बैरिस्टर, लेखक और महिलाओं के अधिकार के लिए काम करनेवाली एक सामाजित कार्यकर्ता ने इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ऑनलाइन लॉन्च किया।

इस मौके पर विश्वभर से सैकड़ों आमंत्रित विशिष्ठ लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरानचेरी ब्लेयर नेइस पुस्तक की लेखिका और लिली अगेंस्ट नामक एक धर्मार्थ संगठन जो मानव और बाल तस्करी के रुप में व्यापार के खिलाफ काम करता है, इसकी संस्थापक चेयरपर्सन मोहिनी केंट के साथ घंटों अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस पुस्तक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश लिखा। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा, चेरी ब्लेयर, सर क्लिफ रिचर्ड, जीपी हिंदुजा, श्री एम, किरण मजूमदार शॉ, अरशद वारसी, डॉ. करण सिंह, सर मार्क टली, शर्मिला टैगोर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, संदीप भूतोरिया, लॉर्ड पारेख, केपी सिंह और अन्य प्रतिष्ठित इन हस्तियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने अपनी माताओं को समर्पित पत्र लिखकर इस पुस्तक मां के योगदान को व्यक्त किया है, इसके साथ इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से मोहिनी केंट की व्यक्तिगत सराहना की है।

‘प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी संदीप भूतोरिया ने कहा: हमारी इस संस्था द्वारा ‘प्रिय मां’ पुस्तक के अनावरण की मेजबानी करना हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है, जो अपनीमांके लिए भेजे गये पत्रों का एक शानदार संग्रह है। यह पुस्तक अपनी मां के प्रति प्यार, भावना, करुणा और प्रेरणा की गहरी भावनाओं को उजागर करता है। लंदन में एक कार्यक्रम में मार्च 2020 महीने में ही इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च करने की बात थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इस पुस्तक के लिए मेरी स्वर्गीय मां को पत्र लिखना मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मार्मिक अनुभव था।

मां बच्चों की पहली गुरु और मार्गदर्शक होती है। महात्मा गांधी, आइंस्टीन, अब्राहम लिंकन, बुद्ध और अन्य पर अपनी माताओं का कर्ज है। यहां तक कि एचआरएच प्रिंस चार्ल्स ने भी महारानी को उनके मैस्टीज डायमंड जयंती समारोह में उन्होंने ‘मम्मी’कहकर संबोधित किया। इनके बीचइस पुस्तक में मौजूद कुछ बेटियों के पत्र में माताओं द्वारा उन्हें धोखा देने का दर्द छिपा है। कुछ माताओंने अपनी बेटियों को दास के रूप में बेच दिया, इस पुस्तक में उन लड़कियों द्वारा भेजे गये पत्र में दिल टूटने, मन में हुए गहरे जख्म, हानि और विश्वासघात का दर्द बेटियों ने बयां किया है।

मोहिनी केंट ने अपनी चैरिटी संस्था, लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की सहायता के लिए यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक फ्लिपकार्ट और अमेज़न इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इससे होनेवाली आमदनी का पूरा हिस्सा मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही इस संस्था को दिया जायेगा।

चेरी ब्लेयर एक मानवाधिकार वकील, एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन की चांसलर हैं। इसके अलावा वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की गवर्नर और ओमनिया रणनीति एलएलपी की एक संस्थापक सदस्य भी रह चुकी हैं, जो महिलाओं की संस्था चेरी ब्लेयर फाउंडेशन द्वारा विकासशील देशों में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है।

लेडी मोहिनी केंट नून एक मशहूर लेखक, फिल्म निर्माता, चैरिटी कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की फाउंडर चेयरपर्सन हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के ब्रिटेन में वैश्विक दूत है। वह कई पुस्तकों की लेखक हैं, जिनमें ब्लैक ताज, एक उपन्यास और नागार्जुन: द सेकेंड बुद्धा शामिल हैं। उन्होंने फीचर फिल्मों, वृत्तचित्रों को लिखा और निर्देशित किया है, और सर बेन किंग्सले के साथ काम किया है। उनके मंच नाटकों में रूमी: द अनविल द सन शामिल हैं। वह यूके में आध्यात्मिक शिक्षण पर्यटन कार्यक्रम का भी आयोजित करती है।

   

पुस्तक प्रिय मां के कुछ चुनिंदे अंश :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “मां प्रेरणा का सदा-समृद्ध वसंत है और सभी चुनौतियों को पार करने की हमारी ताकत है।”

एचएच दलाई लामा: “मेरी मां मेरी करुणा की पहली शिक्षिका थीं। अपनी माताओं से स्नेह प्राप्त करनेवाले बच्चे ही अपने वयस्क जीवन में बहुत अधिक आंतरिक शांति रखते हैं।”

चेरी ब्लेयर: “वकालत के बाद जब मुझे 1976 में बार संगठन में बुलाया गया, तो आप मेरी उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले एकमात्र माता-पिता थे। मैं चाहतीथी कि मेरी इस उपलब्धि को आप स्वीकार करें।”

सर क्लिफ रिचर्ड: “मृत्यु कभी उचित नहीं होती। आपने हमें जीवन दिया, मुझे, डोना, जैकी और फिर जोन को आपके लिए जिंदगी नसीब हुई, लेकिन मौत ने आपको हमसे दूर कर दिया हालांकि वह हमारे मन में कैद आपकी यादों को हमसे नहीं छीन सका।”

जीपी हिंदुजा: “यह कहा जाता है कि भगवान ने माताओं को बनाया क्योंकि वह हर जगह नहीं हो सकते थे।”

शर्मिला टैगोर: “मौत तुम्हें हमसे दूर ले गई। इसके पहले मैं आपको कभी नहीं बता सकी कि मैंने चुटकुलों के जरिये आपकी पाक कला और आपकी प्रतिभा की कितनी सराहना की।”

योगी श्री एम: “मैं मेरी माँ से क्षमा मांगता हूं जब उसका प्यारा बेटा हिमालय भाग गया। जब वर्षों बाद जब मैं एक योगी बनकर वापस आया, तो मेरी मां ने मेरा स्वागत किया। केवल एक मां ही ऐसा कर सकती है।

‘प्रिय मां’ पुस्तक की बिक्री से होनेवाली आमदनी बालिकाओं की मदद के लिए खर्च की जाएगी।”

Soni Jha Got Recognition From Unique Poetry Writing

अनोखे काव्य लेखन से मिली पहचान – सोनी झा

प्रेरणा और अलग नजरिया जिसमें होता है। वह अपने कविता के जरिए लोगों में एक बेहतर अनुभूति कराता है। अपने काव्य से लोगों में एक उमंग जगाता है। शब्दों की सजावट और शब्दों के साथ उसका सही वर्णन जो कोई करता है उसे ही एक काव्य कलाकार कहते हैं। यह कलाकार हमें निसर्ग एवं समाज से जोड़ें रखते हैं।

ऐसी ही एक कलाकार के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जो अपने काव्य से लोगों का मन लुभा रही है। सोनी झा, जो कि झारखंड के जमशेदपुर शहर से हैं उनके पिता पुलिस में देश की सेवा कर रहे हैं और माताजी ग्रहणी है, सोनी झा अपने बाल रूप से ही लोगों और लोगों के मन के साथ जोड़ी है। शायद यही कारण है कि वह इतनी बेहतरीन कविताएं लिखती है, जो लोगों के मन को लुभा जाती है और लोगों को सोचने पर विवश कर देती है।

वह एक तरह से शब्दों को पीरों कर और शब्दों की नक्काशी कर उसे एक काव्य रूप देती है जिसे लोग पढ़े बिना रह नहीं पाते और उसमें ही लीन रह जाते हैं। उनका कहना है कि कविताएं लिखने से पहले कल्पना और अद्भुत विचारों का मिश्रण होना बहुत ही जरूरी है जिससे वह कविताएं और भी खूबसूरत हो जाती है।

उनका यह भी मानना है कि आजकल लोगों में प्रेरणा की कमी हो गई है। लोग अपने और अपने प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। वह चाहती है कि उनकी कविताएं लोगों को प्रेरणा दें। उनकी यही महान सोच उन्हें एक बेहतरीन कवियत्री बनाती है। उनकी कविताओं में इस तरह की सभी खूबियां हैं जो एक इंसान को बदलने के लिए काफी है।

 

बंजारो की ज़िन्दगी

बंजारो सी लगती है अब ये ज़िन्दगी…

रेगिस्तान की रेतों की तरह…

हाथों से फिसलती ये ज़िन्दगी…

ना जाने किस मोड़ पर आकर रूकेगी…

ख्वाहिशों के मौसम में…

बदलाव की बयार ना जाने…

किस आंगन में जाकर खत्म होगी।

हारते हुए इंसान को…

इश्क़ की तन्हाइयों ने ज़ख़्म काफी गहरा दिया है वक़्त की अदालत ने…

सबका चेहरा बेनकाब किया…

किसी ने आकर मेरे ज़ख़्म सिले नहीं…

उस गहरे ज़ख़्म पर…

मरहम भी खुद से लगाई हूं जो मेरे अपनों की खंजर से मिली है।

बार बार उठने की कोशिश भी….

नाकाम सी लगने लगी है ,हर दफा…

रिश्तों की किश्त ढोते ढोते…

ज़िन्दगी उलझ सी गई है ।अपनी उलझन को…

सुलझा सुलझा कर…

अब थक सी गई हूं।

आंखों में नमी…

अब बचा नहीं, किसी और से अब दिल लगा नहीं…

किसी के इंतजार में…

पत्थर दिल सी हो गई हूं…

ख्वाब टूटकर बिखर गए…

मगर किस्मत से हार नहीं मानी हूं। तन्हाइयों का साथ देते देते…

खुद को कही भूल बैठी हूं…

खुशियों की दस्तक से…

इक अनकही सी फासला बना बैठी हूं …

अब खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन खामोशियों को…

जिसके बाद कोई कीमत ना चुकानी पड़ी…

किसी को आवाज़ लगाने की।

अब बस थक कर सो जाना चाहती हूं…

तुम्हारी बाहों में सुकून मिले ऐसी ख्वाइश से खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन आसमानों के बाहों में…

जहां से सब कुछ धुंधला सा लगे…

जहां मुझे कोई ढूंढ़ ना सके।

बस बहुत जी ली…

ये खोखली सी ज़िन्दगी…

अब हार जाना चाहती हूं…

खुद की ख्वाहिशों भरी उम्मीदों से…

धड़कन को बंद कर ,अपनी सांसों को मिला देना चाहती हूं…

आसमानों के खुली फिज़ाओं में, सोचती हूं …

एक बार ही सही अपने ख्वाब को मुकम्मल कर लूं…

अपनी होंठों की मुस्कान को…

फिर से वापिस ले आऊ…

छोड़ जाऊ जमाने के  इन रीति रिवाजों को…

और जी लू अपने अल्हड़पन को…

बेझिझक सी, बेपरवाह सी, बेधड़क सी, बेख़ौफ़ सी ।।

 

खुशियों की तलाश

ना ही तुम हमें किसी बंधन में बांध पाए ,

ना ही चाहत के सिलसिले में मेरा हाथ थाम पाए।

ख्वाहिशों के मौसम में तुम भी कुछ बदल से गए,

मेरे जज्बातों की आंधी में तुम भी थोड़ा बहक से गए ।

तुम्हें सोच के ख़ुद के ख्वाबों से हम रिश्ता निभा नहीं पाए,

तेरे लिए हम सब कुछ पाकर भी खुद से ही हार गए।

हर दफा ,गलत इंसान से इश्क़ करने की गुस्ताखी करते गए ,

मगर ये कम्बक्त दिल भी सबको माफ करके ,दिल के टुकड़ों को खुद से ही जोड़ते गए।

कभी वो मिला ही नहीं, जिनकी मोहब्बत मिलने से छणिक भर भी दिल को सुकून मिले।

जो भी मिले रास्ते में ,बस मेरे टूटे हुए दिल को जोड़कर ,फिर से तोड़ते गए।

हम मोहब्बत की हर तकलीफ को ,दिल के किसी कोने में दफन करते गए।

बार बार टूटकर बिखरने के बावजूद भी किसी और के लिए खुद की ज़िन्दगी को तबाह करते गए।

एक टूटे हुए दर्पण की तरह, अपने दिल के भी टुकड़े टुकड़े करते गए।

हर दफा ना चाहते हुए भी झूठी तसल्ली देकर दिल को दिलासा दिलाते गए।

हर तकलीफों को किनारे रखकर, सुकुन की तलाश में ज़िन्दगी को जिते चले गए।

दिल्लगी ना करने की कोशिश में तुझसे दूर होते गए ,

फिर भी, ना जाने क्यूं , तुझे देखकर ये ख्याल हमेशा बदलते गए।

झूठ और फरेब से भरे इश्क़ की इन गलियों में ,दिल अपना लुटाते गए

मोहब्बत और किस्मत के खेल में जीत हासिल करने की बजाय खुद के दिल को हारते गए।

भला किस्मत से इश्क़ कब जीत पाया है -२

ये जानकर दिल को समझाते गए और इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए।

इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए ।।

Book Launch Of CA Sudha G Bhushan By Quaiser Khalid IPS Officer

बीएसई इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में सुधा जी भूषण की बुक लॉन्च (International transactions-A Comprehensive Guide) का समारोह प्रभावशाली ढंग से सम्पन्न हुआ, सुधा भूषण मुंबई स्थित इंडिया प्रसिद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट है।  समोरह का आरंभ सरस्वती वंदना की गूंज के साथ दीप प्रजवलावित करते हुए हुआ।

दीप प्रज्वलित करने का शुभ कार्य सुधा जी भूषण, सुनील पाटोदिया, विनय भूषण, सुमन अग्रवाल, नीला पारिख,जेपी गुप्ता व ए.पी. कुमार  के शुभ करकमलों से सम्पन्न हुआ। जितनी भ्व्या इमारत में समारोह हुआ, उतने ही प्रभावशाली व्यक्ति विशेष समारोह में उपस्थित थे|

Mr.Quaiser Khalid, The Inspector General of Police, Maharashtra (Chief Guest),  Ashish Chauhan, MD and CEO of BSE (Guest of Honour), Raj Kumar Joint commissioner of income tax (OSD) Circle -11(2)(2), Shankar Jhadav, MD BSE investments Limited, Ashok Kumar Garg, Ex ED  Bank of Baroda, Jagdish Prasad Gupta, successful business man and Father Sudha Bhushan,  Vinay Bhushan, Founder Taxpert Professionals, Sunil Patodia Ji , Chartered accountant and ex chairman of WIRC of ICAI.

सुधा भूषण अपने २० साल के कार्यकाल में अंगीनित कंपनीज को इंडिया में स्थापित करने, इंडिया से बाहर कंपनीज establish   करने, उनकी सर्वोत्तम स्ट्रेटजी बनाने, उनका optimum tax structuring   करने का काम कर चुके है|

बुक का विमोचन करते हुए श्री खालिद जों खुद भी एक लेखक है, ने कहा कि कोई भी बुक किसी व्यक्ति के विचारो का आयना होती है|

श्री खालिद की स्पीच की सरल भाषा ने समारोह की शोभा में चार चांद लगा दिए। बुद्धिजीवियों का एक अद्भुत सामंजस्य देखकर श्रोता भी आन्नादित थे। सुधा जी के पिता जी श्री जेपी गुप्ता जी, जों दिल्ली से विशेषकर अपनी बेटी के बुक विमोचन समारोह में सामिल होने के लिए आए थे बहुत ही गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।

व्यक्ति विशष श्री सुनील पाटोदिया जों देश के नमिक चार्टर्ड एकाउंटेंट है ने सुधा जी को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि सुधा जी की शुरू से ही रुचि Foreign International Tax & Laws में रहि  है एवं सुधा जी और विनय जी अपने कार्यक्षेत्र में बहुत ही सराहनीय काम कर रहे है।  सुधा जी ने अपने स्पीच के दौरान बताया कि उनके अनुभव में इंटरनेशनल टैक्स एंड त्रांसाक्शन एक कॉम्प्लेक्स लॉ नहीं है, जरूरत है तो चार कंप्लायंस मनेज करने की।

  • Allowability (w.r.t FEMA Provisions) 
  • Vulnerability (arising out of double Taxation)
  • Explainability (achieved through lucid Documentation) 
  • Accountability (required under Companies Act, 2013, Income Tax Act, 1961 and FEMA, 2000).

सुधा जी ने अपनी स्पीच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि टैक्स जितना सिम्पल हो उतना ही अच्छा है, उन्होंने कहा कि वो अपने कार्य द्वारा मोदी जी के ५ ट्रिलियन इकॉनमी के सपने में योगदान देना चाहती है।

विनय जी ने इंटरनेशनल लॉ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि कंप्लायंस एंड डॉक्यूमेंटेशस की महत्वपूर्ण ता बहुत बढ़ गई है। एक मल्टीनेशनल कंपनी को बेशक हर लॉ का ध्यान रखना चाहिए। जन्हा तक क्रॉस बोर्डर ट्रांसाक्शन की बात है, उसके अपने नुआंसज है जो सभी  कंसर्नेड को समझने चाहिए और दुनिया दिन प्रतिदिन छोटा होता जा रहा है इसलिए जरूरत है की मल्टीनेशनल कंपनीज को अपनी पॉलिसीज, पूरे लॉज को मध्यनजर रखते हुए बनानी चाहिए।

बुक लॉन्च के साथ साथ समारोह में डिजिटल इकॉनमी की के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। चर्चा में शामिल अतिथिगणों Amit Sheth, co founder and director Aurionpro Solutions Limited., Mr. K. Balachandran Co founder IRIR, Mr. Amol Lone, Head Finance and IT, Fermenta biotech limited),  ने बहुत ही उत्तीर्ण ढंग से अपने विचार व्यक्त किए। समारोह का समापन भागवत गीता के  लीडरशिप लैशंस के साथ हुआ, जिसमें श्री कृष्ण चेतन्य दास, HOD. Department of Integrated Preaching at ISKCON Juhu Mumbai., ने  गीता को कॉरपोरेट वर्ल्ड के लिए एक सूत्रधार में बांध दिया।


Interview Of Manjusha Ranjan Book Author Of Khila Kamal Pursharth Desh Ka

हिन्दि की महान साहित्यकार एवमं कवित्री मंजुषा रंजन, की लिखी किताब खिला कमल पुरसार्थ देश का,महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ गोंविद के कर कमलों द्वारा विमोचन किया गया,मंजुषा रंजन ने हिन्दी कविता की अस्मर्णी सेवा की है, और अपने कलम से नये युग का अविष्कार किआ है,जन जन में देश भक्ति की चेतना जगाई,आपको बता दे की मंजुषा रंजन का रविवार दिनांक 8 दिसंबर को मुम्बई में हुआ भव्य स्वागत,बॉलीवुड और राजनीतिक छेत्र के तमाम हस्तियों से हुई मुलाकात,कई संस्थाओं द्वारा सम्मान,हाल ही में मोरिसस में 200 से ज्यादा देश के कवि वहा आये थे, जहाँ उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया, गौरतलब हो कि खिला कमल पुरसार्थ देश का इन्होंने खुद लिखा है,

 

हर ज्वलनशील मुद्दों पर बड़े ही बेबाकी से अपनी राय रखती है,चाहे वो ट्रिपल तलाक का मुद्दा हो,चाहे राम मंदिर का मुद्दा,चाहे नमामि गंगे हो,या फिर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,हाल ही हैदराबाद वाले कांड पर भी खुल कर अपनी राय रखी,और उन्होंने क्या क्या कुछ कह देखिए पूरी रिपोर्ट

AUTHOR MANOJ YADAV TO LAUNCH HIS NEW BOOK – 101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT AT TITLE WAVES BANDRA MUMBAI ON 31ST AUGUST 2019

Manoj Yadav will launch his debut book ‘101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT’ from the genre Business and Management by Vitasta Publishing Private Ltd, a leader in non-fiction.  It is a 3-in-1 book for effective decision-making with 500+ strategies for business success.

101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT’ can be described as an innovative and well-researched work on Project, Quality, and Risk management, where for the first time Manoj is detailing in-depth around 98% risks affecting projects and strategies to mitigate them.

“101 SECRETS OF PROJECT RISK MANAGEMENT is a book which revolves around project management to survive in a world driven by volatility, uncertainty, complexity, and ambiguity (VUCA). I worked for various MNCs and saw huge gap, as professionals were finding it hard to manage their projects even after various professional certifications. There were complexities around and focus was on theoretical concepts. It is because of this I decided to write a practical book on project management, operational risk, and quality management by which people will have ready solutions to do their daily work and this will enhance their performance.” says Manoj Yadav

FIRST EVER BOOK IN FILM MAKING Launched An Informative Book by Mr Uday Senapati

Mr Uday Senapati (born on 1st January 1964) from Chapra Saran Dist, Bihar. an Author and Bollywood Director belongs to the Decoria district of U.P. currently in New Delhi wrote a book on “FILM MAKING” the book contains 23 chapters in 289 pages. The First Edition of book was published by K.K. Publication vide ISBN Number 978-81-7844-296-5 date 1st May, 2017. at a grand book launching function at Mumbai Maharashtra, India.

 

Now we are here for the inauguration of the book named as “CINE-NIRMAN” in Hindi which may Bridge the gap between the people seeking as career in industry at different levels in the industry of cinema Last but not the least this book may be concerned as reference book by each and everyone involved in FILM MAKING.

फिल्म राइटर डायरेक्टर उदय सेनापति की किताब “सिने निर्माण” मुंबई में लॉन्च

फिल्म मेकिंग पर उपयोगी पुस्तक के अनावरण के अवसर पर सुनील पाल, दिलीप सेन, अली खान पुष्पा वर्मा, मदन जोशी, रमेश गोयल,की उपस्थिति

बॉलीवुड की चमक दमक से देश के कोने कोने में मौजूद सिनेमा प्रेमी प्रभावित होते हैं और दिल में इस फिल्मी दुनिया में कुछ करने का सपना सजाते हैं। लेकिन आम तौर पर वे अपना कैरियर कैसे फिल्मों में बनाएं, उन्हें कुछ पता नहीं होता। ऐसे ही सपने देखने वालों को गाइड करने के लिए फिल्म राइटर डायरेक्टर उदय सेनापति ने एक कारगर पुस्तक लिखी है जिसका नाम है “सिने निर्माण”. मुंबई के कंट्री क्लब में हुए एक शानदार इवेंट में उदय सेनापति की इस बुक को लॉन्च किया गया तो यहां बॉलीवुड की कई हस्तियां मौजूद थीं जिनमें चीफ गेस्ट के रूप में सुनील पाल और दिलीप सेन मौजूद थे साथ ही इस फंक्शन में रमेश गोयल, अली खान, पुष्पा वर्मा, मदन जोशी, हीरो राजन कुमार इत्यादि मौजूद थे। इस स्पेशल बुक लांच के अवसर पर उदय सेनापति ने कहा कि उन्हें इस किताब को लिखने में ढाई साल लगे। इसमें 23 चैप्टर्स हैं, जो निर्माता निर्देशक कलाकार लेखक बनने वालों के लिए मार्गदर्शक का काम करेंगे।

इस प्रोग्राम के सेलिब्रिटी मैनेजर प्रमोद सिंह थे।

1964 में बिहार के छपरा में जन्मे उदय सेनापति कई दशकों से फिल्मी दुनिया में सक्रिय रहे हैं। वह कई फिल्म पत्रिकाओं के संपादक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अपने इन्हीं तमाम अनुभवों को उन्होंने इस किताब में समेट दिया है जो बेहद उपयोगी पुस्तक है।

सुनील पाल ने कहा कि यू एस में हॉलीवुड है जबकि बॉलीवुड में यू एस है, जी हां यू एस अर्थात उदय सेनापति। बॉलीवुड के इस सेनापति को सलाम जिसने इतनी बेहतरीन और उपयोगी पुस्तक लिखी है जो स्ट्रगलर के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।

इस बुक लॉन्च के अवसर पर संगीतकार दिलीप सेन ने मीडिया से कहा कि इस किताब की अहमियत का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इसमें फिल्म इंडस्ट्री के लगभग हर क्षेत्र के बारे में विस्तार और गहराई से जानकारी मौजूद है।

अमिताभ बच्चन के साथ खुदा गवाह जैसी फिल्म में काम कर चुके अली खान ने इस मौके पर कहा कि सबसे पहले तो मै इस किताब के लेखक उदय सेनापति जी को बहुत मुबारकबाद देना चाहूंगा और फिर यह कहना चाहूंगा कि उन्होंने इस किताब को लिखकर और छपवाकर एक नेक कदम उठाया है। यह किताब खास तौर पर उन सिने प्रेमियों के लिए एक अनमोल तोहफा है जो मुंबई से दूर यूपी बिहार एम पी या दिल्ली में रहते हैं और फिल्मी दुनिया में काम करने के इच्छुक हैं।

Ansuman Bhagat is Quite Different Thought’s The Author

In India about a lot of the author but between a motivational person whose age quite low even if he writing that the world in a different identified made. Are considering today there is in India people move on and reality to understand inspired by their an idea today very popular because they are the same believe that other people what about you think it importance not giving your thoughts value which caused from the start that distinguishes thinking person known as he your daily routine in half more than your thoughts to write expressed by which his idea people reached find.

  

He wrote the book in many topics has been written about this. And that’s why today’s society them in a good motivational as is seen.

“Our faith leads us to the success we want to achieve”

– Ansuman Bhagat

Ansuman Bhagat’s Your Own Thought Book’s Shorts Description of Contents

“Your Own Thought” book –This book has been written about various types of subjects, through which people can express their own ideas.

वास्तविकता

इस संसार में, मानवता एकमात्र प्राणी है जिसका वास्तविकता समझना मुश्किल है, यह समझना उचित नहीं है कि दुनिया में मौजूद सभी घटक एक-दूसरे की वास्तविकता को प्रतिबिंबित करते हैं

किसी इंसान की वास्तविकता हमारे जीवन में होने वाली घटनाओं से होती है या भविष्य पर निर्भर करती है, अगर आम तौर पर देखी जाती है, तो इसे पूरी तरह समझाया नहीं जा सकता क्योंकि यह समय-समय पर बदल रहा है।

सफलता

सफलता का अर्थ केवल बड़े नाम बनाने और बड़ा पैसा बनाने से नहीं होता है, अपितु खुद के प्रति लोगो में विश्वास और सम्मान होने से होता है|

आज के इस युग में सफल उन्हें नहीं माना जा सकता जो सिर्फ अपने नाम और काम के लिए जाने जाते है| वो भले ही देश के प्रधानमंत्री हो या एक बहुत बड़ा उद्योगपति, जब तक उनके लिए समाज में विश्वास और सम्मान न हो तब तक उनके लिए ऐसी पहचान बनाना व्यर्थ है जिसके माध्यम से वे समाज में जाने जाते है

भेदभाव

भेदभाव की शुरुआत जाति और धर्म के निर्माण से ही होती है

देशों में सरकार के बनाए गए नियम केवल नाम मात्र के लिए रह गया है क्योंकि जात पात से संबंधित कई ऐसे नियम कानून आज भी है जो सिर्फ भारत देश में ही नहीं बल्कि और भी कई देशों के लोगों में भेदभाव के विचार उत्पन्न करता है जिसके परिणाम स्वरुप आज भी लोग एक-दूसरे के बीच जात-पात को लेकर आपस में दंगे फसाद करते हैं

समय की महत्ता

किसी भी जीव जंतु के समय की शुरुआत उसके जन्म से ही हो जाती है और हमारे जीवन में समय की महत्ता काफी है क्योंकि जीवन में किसी भी प्राणी के जन्म के साथ-साथ उसकी मृत्यु भी निश्चित होती है किंतु यह किसी को ज्ञात नहीं होता इसी वजह से हमें अपनी चाह और आवश्यकताओं को जीवनकाल के अंदर ही पूरी कर लेनी चाहिए अन्यथा समय किसी के लिए नहीं रुकता और ना ही किसी का मोहताज होता है

इसलिए कहा जाता है समय की बर्बादी मतलब पैसे और जीवन दोनों की बर्बादी|

भगवान का अर्थ

मनुष्य ने अपने अपने धर्म और जात से संबंधित कोई भगवान का निर्माण किया है जिसके कारण आज समाज में पूजा पाठ से संबंधित अंधविश्वास फैले हुए हैं|जब किसी के घर में कोई बच्चा बीमार पड़ता है तो उसे चिकित्सक या अस्पताल ले जाने के बजाए उसे मंदिरों में ले जाया जाता है| जहां मनुष्य के द्वारा बनाई गई काल्पनिक मूर्तियों अथवा प्रतिमाओं की पूजा की जाती है|

अगर वास्तविकता देखा जाये तो भगवान शब्द एक ऐसी सकारात्मक शक्ति है जिससे लोगो के मन्न में डर पैदा होता है क्यों की इसी शक्ति ने संसार का उत्पाती किया है| इस लिए हमे भगवान की आराधना केवल शांति प्रपात करने और सच्चाई को समझने के लिए करनी चाहिए ना  कि लोगों में अंध विश्वास फैलाने के लिए करनी चाहिए|

खुद की पहचान

इस दुनिया में प्रत्येक वस्तुओं की पहचान उसके रंग, रूप और नाम से होता है जब कोई बच्चा जन्म लेता है तो उसके परिवार वाले उस बच्चे के पहचान के लिए उसका नामकरण करते है जिससे लोगो को यह ज्ञात हो सके कि यह कौन है| लेकिन किसी के पहचान के लिए सिर्फ उसके नाम का होना ही काफी नहीं होता है किसी व्यक्ति का नाम उसके परिवार वाले या आस-पास के रहने वाले लोग ही जान पाते है|

किन्तु खुद की पहचान का मतलब प्रसिद्धि पाने से होता है, ऐसी प्रसिद्धि जिससे लोगो के बीच आपके ऊपर विश्वास बना हो और आपका नाम पुरे समाज में एक अच्छे व्यक्ति के रूप लोग जानते हो, तब जाकर एक पूर्ण पहचान मिलती है जिसे पाकर हमे स्वयं अच्छा महसूस होता है|

जीवन की महत्वकांक्षा

मनुष्य जीवन दूसरे जीव-जंतुओं से काफी अलग है माना जाता है की जिस शक्ति ने मनुष्य जीवन की संरचना की है उन्होंने बहुत सोच बिचार कर के ही यह जीवन हम मनुष्य को दिया है हालाकि अन्य जीव जंतुओं को भी उसी शक्ति ने बनाया है जिसे इस युग के दौर में हम मनुष्यों ने उस शक्ति को भगवान का नाम दिया है

जीवन का मतलब केवल खुद के लिए जिंदगी जीने से नहीं होता, अपितु निस्वार्थ होकर दूसरों की सहायता करने से होता है| जितना हम खुद के लिए करते हैं यदि थोड़ा सहायता किसी और की करते हैं तो हमें ही अच्छा महसूस होता है, देखा जाए तो इसमें भी हमारा ही स्वार्थ होता है| यह जिंदगी स्वार्थ से भरा पड़ा है, लेकिन हम चाहे तो अपने स्वार्थ का सही फायदा उठाकर किसी की सहायता कर सकते हैं और तब जाकर जीवन जीने का सही अर्थ बनता है|

क्रोध विनाशकारक

गुस्से में लिया गया कोई भी फैसला गलत ही साबित होता है, आम तौर पर देखा जाए तो गुस्सा करना हर व्यक्ति के व्यवहार में होता ही है, वह छोटा बच्चा हो या कोई बड़ा इंसान, किसी न किसी बात को लेकर इंसान को गुस्सा आ ही जाता है किंतु हमें इस बात पर जोर देना चाहिए कि गुस्सा करना हमारे सेहत के साथ साथ दिमाग पर भी असर करता है, जिसके कारण गुस्से में कोई भी सही फैसला नहीं ले पाता और बाद में खुद को अपनी गलतियों के कारण कोसते हैं, इसलिए ऐसे हालात में शांत रहना ज्यादा सही साबित होता है

हमें अपने गुस्से को खुद के वश में रखना चाहिए, क्योंकि गुस्से से हमारा मन चिंतित होता है और मन के चिंतित होने से हमारे अंदर की सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है और साथ ही साथ हमारा ज्ञान भी कम हो जाता है, दूसरों की गलतियों के लिए खुद को सजा देना ही गुस्से का मतलब होता है, इसलिए हमें अपने गुस्से को काबू में रखने के लिए कभी-कभी ध्यान भी करना चाहिए, जिससे हम अपने गुस्से पर काबू कर पाएंगे

कठोर परिश्रम

इस संसार में आम इंसान से लेकर अमीर इंसान को भी अपने दैनिक दिनचर्या को चलाने के लिए या उसे और भी अच्छा बनाने के लिए मेहनत करने की आवश्यकता पड़ती ही है मेहनत करना खुद मैं एक काबिल ए तारीफ माना जाता है और मेहनत करने वाले इंसान अपनी मेहनत की वजह से वे हमेशा उच्च स्तर पर रहते हैं लेकिन जो लोग मेहनत करने से कतराते हैं वह खुद के लिए इस संसार में बोझ बनकर रह जाते हैं और ऐसे लोग अपने जीवन में कभी सफल नहीं हो पाते

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो मेहनत तो करते हैं किंतु उंहें अपने परिणाम मिलने की जल्दी पड़ी रहती है वैसे लोगों को धैर्य से काम करना चाहिए और अपने मेहनत के लिए अधिक सोचना चाहिए क्योंकि जिस प्रकार मेहनत करने से पत्थर को भी मुहूर्त का आकार दिया जा सकता है ठीक वैसे ही इंसान के लिए इस संसार में कोई भी काम असंभव नहीं है अगर उस काम के लिए पुरजोर मेहनत किया जाए

बचपन

किसी भी मनुष्य के बचपन का जीवन उसे कभी नहीं भूलना चाहिए यह एक ऐसा पल होता है जिसमें हमें ना तो सही गलत का ठीक से समझ होता है और ना ही झूठ और सच का, उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमें बहुत चीजों का ज्ञान होता है किंतु हम समय के साथ-साथ अपने बचपन के बीते पल को भी भुला देते हैं, किसी भी इंसान के बचपना का जीवन निस्वार्थ पूर्ण होता है इस उम्र में हमें जिस चीज की इच्छा होती है उसे बेझिझक मांग लेते हैं और हमें बचपन में यही सिखाया जाता है कि जब तुमसे कोई कुछ मांगे तो उसे बेझिझक दे देना चाहिए और यदि तुम्हें किसी चीज की इच्छा हो तो तुम भी उसे बेझिझक मांग सकते हो, लेकिन जब हम बड़े हो जाते हैं तो इन सब बातों का कोई मतलब नहीं समझते और समय के साथ-साथ बचपन के बीते पल को भुला कर बढ़ते चले जाते हैं बचपन ही इंसान का सच्चा और अनमोल पल होता है इसलिए हमें अपने बचपन को साथ में लेकर चलना चाहिए क्योंकि इसमें कोई स्वार्थ नहीं होताज्ञान

जिस प्रकार समुंदर और आकाश की कोई सीमा रेखा नहीं होती ठीक उसी प्रकार ज्ञान की भी कोई सीमा रेखा नहीं होती हम जितना चाहे उतना अपने ज्ञान की कोस को बढ़ा सकते हैं जब तक हम जीवित है, और ज्ञान पाने का मतलब केवल शिक्षा से नहीं है बल्कि हम जिस समाज में रहते हैं उस समाज से जुड़ी सभी ज्ञान को प्राप्त करना काफी जरूरी है जिससे हमारे अंदर समाज के लोगों के रहने का तौर तरीका और मान-सम्मान करने का ज्ञान मिल सके क्योंकि सिर्फ शिक्षा का ज्ञान पाकर हम भले ही बड़ा इंसान तो बन जाएंगे लेकिन जब तक समाज और समाज के रहने वाले लोगों के लिए मान सम्मान की भावना हमारे अंदर ना हो तब तक एक काबिल इंसान नहीं बन सकते

हमारा ज्ञान तब और बढ़ जाता है जब आप अपना ज्ञान किसी और को देते हैं लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो अपना ज्ञान किसी को नहीं देते यह सोचकर कि कहीं उनका ज्ञान कम ना हो जाए लेकिन यह कुछ लोगों की गलत धारणा होती है अगर देखा जाए तो आपके हाथ में रखा रोटी कोई भी छीन सकता है लेकिन आपका ज्ञान आपसे कोई नहीं छीन सकता क्योंकि यह सदैव आपके साथ रहता है

मरने के बाद शरीर भी साथ नहीं देता, किंतु ज्ञान हमेशा साथ देता है

संस्कार

संस्कार शब्द आज के युग में लोगों के लिए सिर्फ दिखावा है केवल कुछ समय के लिए दिखावा और सिर्फ अपने आप को अच्छा कहलाने के लिए है ताकि दूसरों के सामने हम इज्जत दार और संस्कारी कहला सके, किंतु इन सब का कोई महत्व नहीं रहता क्योंकि जब तक हमारे अंदर से दूसरों के लिए आदर और सम्मान की भावना ना हो तब तक हम संस्कारी कहलाने के लायक नहीं हैं और रही बात संस्कार की तो यह शुरु से ही एक इंसान के अंदर होने चाहिए दिखावटी ना हो, जो संस्कार शुरू से ही हमारे अंदर होता है उसे किसी को दिखाने या बताने की आवश्यकता नहीं पड़ती, क्योंकि जिस व्यक्ति के अंदर अच्छे संस्कार हो वह स्वयं दिख जाता है

जिस प्रकार एक अंडे के ट्रे में सिर्फ अंडा होता है यदि उसमें एक सेब का फल डाल दे तो हमारी दृष्टि पहले उस ट्रे में रखें सेब के फल पर ही जाएगा इसलिए हमें अपने अंदर अच्छे संस्कार लानी चाहिए और हमें यह अपने परिवार वालों से या अपने आसपास के बुजुर्ग लोगों से सीख सकते हैं

लगाव

लगाव का अर्थ है दो या दो प्राणियों के बीच का संबंध जिसके कारण वे एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं ठीक उसी प्रकार हम इंसानों के बीच भी लगा होता है जिसके कारण हम लंबे समय तक एक दूसरे से जुड़े रहते हैं मित्र, परिवार या पर्यावरण से जुड़े कई घटक है जिससे हमारा लगाव होता है आमतौर पर हमें यह देखने को मिलता है जब हम लंबे अरसे से किसी एक स्थान पर रहते हैं और अचानक वहां से जाने के बाद हमें थोड़ा अकेलापन महसूस होता है क्योंकि ऐसा होने का मुख्य कारण लगाव है या किसी निश्चित वस्तु या प्राणी के बीच नहीं होता यह संसार की किसी भी प्राणी से हो सकता है इस संसार में सबसे ज्यादा लगाव इंसान को अपने माता पिता और परिवार वालों के बीच होता है जिन्हे हम कभी अपनों से दूर होता नहीं देख सकते इसलिए हमें अपने माता पिता और परिवार वालों की इज्जत हमेशा करनी चाहिए

अगर आपको किसी से बहुत ज्यादा लगाव है तो आप उसे कभी खुद से अलग होने ना दें क्योंकि दूरियां बढ़ने से लगाव कम हो जाता है

मृत्यु

प्रतिदिन इस संसार में लाखों लोगों की मृत्यु होती है अर्थात कितनों के घर उजड़ जाते हैं कितने लोग अपनों को छोड़कर जाने वालों के पीछे अपना आंसू बहाते हैं ऐसा सब लगाव के कारण होता है किंतु कुछ समय बीतने के बाद सब कुछ पहले जैसा ही हो जाता है

इस संसार में जो भी जन्म लेता है उसे एक ना एक दिन मरना ही होता है और इसे बदला नहीं जा सकता किसी के मरने के बाद उसके बारे में सोच कर खुद तकलीफ में रखना उचित नहीं है मरने के बाद की जिंदगी क्या है किसी को इसके बारे में ज्ञात नहीं लेकिन जब तक हम जीवित है तब तक हमें इस संसार का सुख भोगना चाहिए क्योंकि जिंदगी बहुत अनमोल है एक बार ही मिलती है और एक बार मरने के बाद किसी के लिए लौटकर वापस नहीं आती

सुनना और ध्यानपूर्वक सुनना

ईश्वर ने इंसानी शरीर की संरचना काफी सोच समझकर की है जिसके कारण हम खुद को दूसरे जीवित प्राणियों से भिन्न समझते हैं आंख, मुंह, नाक, कान और त्वचा हमारे ज्ञानेंद्रिय अंग होते है जिसमें कान का उपयोग हम किसी भी ध्वनि को सुनाने के लिए करते हैं लेकिन मनुष्य के व्यवहार के कारण सुनना और ध्यानपूर्वक सुनना दो प्रकार में हैं हमारे आस-पास होने वाली घटनाओं से उत्पन्न ध्वनि का सुनाई देना किंतु यह हमें स्पष्ट रुप से समझ नहीं आता सुनना कहलाता है किंतु जब हम किसी ध्वनि को ध्यानपूर्वक सुनते हो और उस ध्वनि को स्पष्ट रुप से समझ भी सकते हो तो यह उस सुनना से भिन्न होता है

हमें किसी भी ध्वनि को स्पष्ट रूप से सुनकर उसे महसूस करके समझना काफी आवश्यक है ध्यानपूर्वक सुनने से हमारे सोचने समझने की शक्ति काफी अधिक होती है हम जितना बातें करते हैं उससे कहीं ज्यादा असर दूसरों की बातें सुनने से होता है

Ansuman Bhagat A Good Ideology Person

Ansuman Bhagat  is a good ideology person who thought of achieving such a position in a short period of time for whom many people think but they can not do it. Even though he point to the achieved.

The way people say that dream entire to dreaming required. But they think something different because their dreams to see the same is not enough, but dreams to meet for do something is also important and now he is so early age in a identified created which he society in a good inductive as known. He is such a ideology person, who has influenced many people living near him with his thoughts.

They say that “if you want to make yourself successful, then make yourself such that people try to know about you because they all keep hopes of change but never bring changes in themselves”.

Some famous ideas written by Ansuman Bhagat

  • If you are hungry for success then you will be able to move forward in life.

यदि आप सफलता के लिए भूखे हैं तो आप जीवन में आगे बढ़ने में सक्षम होंगे।

  • If there is will, then we can transform dreams into reality.

यदि इच्छा शक्ति हो तो सपनों को भी हकीकत में बदला जा सकता है।

  • Always keep to do something different new, because it makes you different from others.

हमेशा कुछ नया करें, क्योंकि यह आपको दूसरों से अलग करता है।

  • People think that this world is very big. If the people’s thinking is large, then this world will look small on its own.

लोग सोचते हैं कि यह दुनिया बहुत बड़ी है यदि लोगों की सोच बड़ी है, तो यह दुनिया अपने आप ही छोटी दिखती है।

Ansuman Bhagat Motivation Quotes

Ansuman’s Life Journey

Ansuman Bhagat  is one of the fast growing entrepreneurs of India. He is the Indian author (Book-Your Own Thought) and motivation quotes writer, Without diving too much into his professional success, what makes him a lot different from other is that he is also a motivational speaker and is known for his ‘Motivational Life Changing Quotes’ to motivate and inspire the minds of the young. Ansuman is also casting director of Indian Television Industry and founder of SKEC company. Talking about his future plan, Ansuman says that he is currently working on a motivational short-film and he is associated with the project as an author. The objective of the film is to bring harmony and mutual respect among the people living in a society.

Ansuman has worked hard to reach at this stage as he has seen the days full of struggle in his early life and thus he has become a role model for others to follow. He is of the view that whatever big hurdles may come in one’s life, still they can’t deter a person to achieve success in life. He adds that if you want to establish yourself as a successful person, then you should not depend on others and don’t leave any stone unturned when it comes to doing hard work with perseverance so as to achieve one’s goal.

Inspirational & Motivation Quotes By Ansuman Bhagat

  • Make yourself such that people try to know about you.

अपने आप को ऐसा बनाओ कि लोग आपके बारे में जानने का प्रयास करें

  • Don’t expect to bring change but make changes in yourself, then everything will change.

बदलाव लाने की उम्मीद ना रखे बल्कि खुद में बदलाव लाएं, फिर सब कुछ बदला हुआ दिखेगा।

  • By working hard, impossible task also turns into possible.

कठिन परिश्रम के द्वारा असंभव कार्य भी संभव में बदल जाता है

  • People leave behind living their lives, creating life, but they should understand their reality.

लोग जीना छोड़कर, अपनी जिंदगी को बनाने के पीछे भागते हैं, लेकिन उन्हें अपनी वास्तविकता को समझना चाहिए

  • Make yourself worthy enough that you don’t have to depend on others.

खुद को इस योग्य बनाएं कि आपको दुसरो पर निर्भर न होना पड़े

  • Do something like that which is not like anyone else.

ऐसा कुछ करो जो किसी और की तरह नहीं है

  • If you are hungry for success then you will be able to move forward in life.

यदि आप सफलता के लिए भूखे हैं तो आप जीवन में आगे बढ़ने में सक्षम होंगे।

  • Do anything for whatever you want and do it until you get it

जो कुछ भी आप चाहते हैं उसके लिए कुछ करें और तब तक करे जब तक कि आप इसे प्राप्त ना कर ले|

  • If we have a desire to get something inside us, then we have to work hard for it.

यदि हमारे अंदर कुछ पाने की इच्छा है, तो हमें इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।

  • Hard work is not enough to succeed in life, but we should also use our own brain.

कठिन काम जीवन में सफल होने के लिए पर्याप्त नहीं है, हमें अपने दिमाग का भी इस्तेमाल करना चाहिए।

  • Never let your happiness be separated from yourself, because relations is always maintained by happiness. If you want, can make your enemy to friend even through happiness.

अपनी खुशी को अपने आप से अलग न होने दें, क्योंकि खुशियों के द्वारा ही रिश्ते हमेशा कायम रहते हैं। यदि आप चाहे तो खुशियों के द्वारा दुश्मन को भी अपना दोस्त बना सकते हैं।

  • Time and Believe two such things that once goes they don’t come back.

समय और विश्वास दो ऐसी चीजें है, जो एक बार जाता है तो वापस नहीं आता|

  • If there is will, then we can transform dreams into reality.

यदि इच्छा शक्ति हो तो सपनों को भी हकीकत में बदला जा सकता है।

  • Selfishness happens in every person but it is wrong to harm someone else for selfishness.

हर व्यक्ति में स्वार्थ होता है लेकिन स्वार्थीपन के लिए किसी और को हानि करना गलत है।

  • When our thinking is big, then we will be able to do anything bigger.

जब हमारी सोच बड़ा हो तो हम कुछ भी बड़ा करने में सक्षम होंगे।

  • Never lose your hope because the world is on the hopes.

कभी अपने उम्मीद को मत हारो क्योंकि उम्मीद पर दुनिया कायम है

  • Always keep to do something different new, because it makes you different from others.

हमेशा कुछ नया करें, क्योंकि यह आपको दूसरों से अलग करता है

  • Never let the relationships break, It takes years to build. Life begins with relationships.

रिश्तों को कभी बिखरने न दे, इसे बनाने में वर्षों लगते हैं

रिश्तो से ही जिंदगी की शुरुआत होती है।

  • What do people think of you do not important, Give importance to your thoughts.

लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं, महत्वपूर्ण नहीं हैं, अपने विचारों को महत्व दें

  • People think that this world is very big. If the people’s thinking is large, then this world will look small on its own.

लोग सोचते हैं कि यह दुनिया बहुत बड़ी है यदि लोगों की सोच बड़ी है, तो यह दुनिया अपने आप ही छोटी दिखती है।

  • Good relationships also break due to silence.

अच्छे संबंध भी खामोशी के कारण टूट जाते हैं

  • Our faith leads us to the success we want to achieve.

हमारा विश्वास ही हमें उस सफलता की ओर ले जाता है जिसे हम प्राप्त करना चाहते हैं।

  • The drawbacks are never in others, but we expect a little more from them.

कमियां दूसरों में कभी नहीं होतीं, लेकिन हम उनसे थोड़ी अधिक अपेक्षा करते हैं।